नई दिल्ली। देश में लोकसभा चुनाव (loksabha election) की बिसात बिछ चुकी है। सभी राजनीतिक पार्टियां अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटी हैं। नेतागण जीत के लिए लगातार प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। लेकिन, इसी बीच मशहूर वकील और राजनेता प्रशांत किशोर (prashant bhushan) को बड़ा झटका लगा है। नियम तोड़कर वकालत करने के कारण प्रशांत किशोर को ‘स्वराज अभियान’ पार्टी से इस्तीफा देना पड़ा है।
प्रशांत किशोर का ‘स्वराज अभियान’ से इस्तीफा
दरअसल, प्रशांत भूषण के खिलाफ बार काउंसिल ऑफ दिल्ली में शिकायत की गई थी। शिकायकर्ता का कहना था कि प्रशांत किशोर ने प्रोफेशनल स्टैंडर्ड को लेकर बार काउंसिल के नियमों का उल्लंघन किया है। उन्होंने संगठनों के लिए कोर्ट में पैरवी की थी। जिसके बाद बार काउंसिल ने इस मामले में प्रशांत भूषण से जवाब मांगा था। भूषण ने यह कबूल किया था कि उन्होंने इन संगठनों के लिए कोर्ट में पैरवी की और पार्टी समेत कई संगठनों से इस्तीफा दे दिया। प्रशांत भूषण के ऑफिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि भूषण ने स्वराज पार्टी के साथ-साथ कुछ संगठनों से भी इस्तीफा दे दिया है।
योगेन्द्र यादव और प्रशांत किशोर ने बनाई थी ‘स्वराज अभियान’ पार्टी
बयान में यह भी कहा गया है कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियम वकीलों को उन संगठनों का प्रतिनिधित्व करने से रोकता है। लिहाजा, वह पार्टी से इस्तीफा दे रहे हैं। गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी से अलग होने के बाद योगेन्द्र यादव और प्रशांत भूषण ने ‘स्वराज अभियान’ नामक राजनीतिक पार्टी बनाई थी।