नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के पांचवे चरण के मतदान से पहले ही राजनीतिक दलों ने अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए हर तरह के दांव पेंच लगाना शुरू कर दिए हैं। ताजा मामला दक्षिण राज्य से है। यहां युवजन श्रमिक रायतू कांग्रेस पार्टी (वायएसआरसीपी) ने चुनाव आयोग के आयुक्त को पत्र लिखा है। इस पत्र में मतगणना के समय हिंसा होने की संभावना जताई गई है। पत्र में पोल पैनल को मतगणना के दिन विशेष सुरक्षा इंतजाम करने का भी कहा गया है। यह पत्र वायएसआरसी के सांसद वी विजय साईं रेड्डी की ओर से भेजा गया है।
सत्तारूढ़ पार्टी पर आरोपइस पत्र के जरिये वाईएसआरसीपी ने सीधे तौर पर सत्तारूढ़ पार्टी टीडीपी पर आरोप लगाया है कि वो मतदान के दौरान हिंसक घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा को लिखे पत्र में ये भी लिखा गया है कि सत्तारूढ़ दल की ओर से मतगणना स्थलों पर हिंसा फैलाने के साथ कुछ केंद्रों पर मतगणना को प्रभावित करने की कोशिश भी की जा सकती है।
इस तरह प्रभावित कर सकते हैं काउंटिंगवायएसआरसीपी ने आयुक्त को लिखे पत्र में जिक्र किया है कि मतगणना के दिन सत्तारूढ़ पार्टी के काउंटिंग एजेंट्स फर्जी 17-सी फॉर्म ला सकते हैं। वह यहां पर काउंटिंग के समय बहस कर सकते हैं ताकि मतगणना की प्रक्रिया में वक्त ज्यादा लगे इससे मतगणना प्रभावित होगी। भगदड़ मचाने के लिए एजेंट्स की स्क्रूटनी और उनके अप्रूवल प्रॉसेस में भी देरी की जा सकती है।
पत्र में किया निवेदनमतगणना प्रभावित न हो इसके लिए पत्र के जरिये आयुक्त से निवेदन किया है। इसमें मतगणना को प्रभावित होने से रोकने के लिए कुछ तरीके भी बताए हैं। इसके तहत सभी रिटर्निंग ऑफिसर्स को स्टील बैरिकेटिंग के पीछे रखने का निर्देश, हर काउंटिंग हॉल में जाल लगाने की बात प्रमुख रूप से शामिल है।