नई दिल्ली। लोकसभा सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ( Shashi Tharoor ) को उनके एक बयान के लिए करीब छह महीने बाद समन मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( Narendra Modi ) को ‘बिच्छू’ कहने पर थरूर को दिल्ली की एक अदालत ने किया है। कोर्ट ने बीजेपी नेता राजीव बब्बर की मानहानि ( defamation ) शिकायत पर ये कार्रवाई की है।
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7 जून से पहले पेश होने का आदेश
अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी समर विशाल ने थरूर को 7 जून से पहले उनके समक्ष पेश होने के लिए कहा है। कोर्ट थरूर के खिलाफ उनके प्रधानमंत्री मोदी को ‘शिवलिंग पर बैठे एक बिच्छू’ वाले बयान पर एक आपराधिक मानहानि शिकायत पर सुनवाई कर रही थी।
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बीजेपी नेता ने की है मानहानि केस की अपील
बीजेपी नेता बब्बर ने अपनी अर्जी में कहा कि थरूर ने यह बयान बदनीयती से दिया था, जिसकी वजह से न केवल हिंदू देवता को नीचा दिखाया गया बल्कि यह अपमानजनक भी था। इसलिए थरूर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा ( IPC ) 499/500 (मानहानि) के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।
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थरूर ने कहा क्या था?
थरूर 28 अक्टूबर 2018 को बेंगलुरु लिट फेस्ट में हिस्सा लेने पहुंचे। जिसमें ने अपनी किताब से कुछ पन्ने भी पढ़ रहे थे। जिसमें उन्होंने कहा कि एक असाधारण रूपक है जिसका जिक्र आरएसएस के अनाम सूत्र ने एक पत्रकार से किया था। मैंने उसका संदर्भ अपनी किताब में दिया है। थरूर ने कहा, उसने कहा था कि ‘पीएम नरेंद्र मोदी शिवलिंग पर बैठे उस बिच्छू की तरह हैं, जिसे आप हाथ से हटा नहीं सकते और चप्पल से मार भी नहीं सकते।’
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