नई दिल्ली। अनुच्छेद 370 को लेकर जम्मू कश्मीर के नेताओं की बदजुबानी जारी है। पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने नया सिगूफा छोड़ा है। एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि हम आने वाले दिनों में जम्मू-कश्मीर का अलग सदर-ए-रियासत (राष्ट्रपति) और वजीर-ए-आजम (प्रधानमंत्री) होगा।
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#WATCH Omar Abdullah in Bandipora says, “Baaki riyasat bina shart ke desh mein mile, par humne kaha ki humari apni pehchan hogi, apna constitution hoga. Humne uss waqt apne ‘Sadar-e-Riyasat’ aur ‘Wazir-e-Azam’ bhi rakha tha, Inshallah usko bhi hum wapas le aayenge.” pic.twitter.com/mPPoELKT8G— ANI (@ANI) April 1, 2019

कुछ लोग मिटाना चाह रहे कश्मीर की पहचान: उमर
लोकसभा चुनाव के लिए उमर अब्दुल्ला बांदीपोरा में एक सभा को संबोधित कर रहे थे। यहां उन्होंने कहा कि आज हमारे ऊपर तरह तरह के हमले हो रहे हैं। बड़ी-बड़ी ताकतें निकली हुई हैं, जम्मू कश्मीर की पहचान मिटाने के लिए। उमर यहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा कि बाकी रियासत बिना शर्त के देश में मिले, पर हमने कहा कि हमारी अपनी पहचान होगी, अपना संविधान होगा। हमने उस वक्त अपने ‘सदर-ए-रियासत’ (राष्ट्रपति) और ‘वजीर-ए-आजम’ (प्रधानमंत्री) भी रखा था, इंशाअल्लाह उसको भी हम वापस ले आएंगे।अनुच्छेद 370 खत्म हुआ तो भारत का रिश्ता भी खत्म
मजह दो दिन पहले पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी अनुच्छेद 370 को लेकर एक विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लिए अनुच्छेद 370 एक पुल की तरह है। यदि आप उस पुल (अनुच्छेद 370) को तोड़ते हैं … तो महबूबा मुफ्ती जम्मू-कश्मीर और हिंदुस्तान के संविधान की कसम खाती है और आवाज उठाती है तो फिर वह आवाज कैसे उठाएगी।….हम आपके साथ जिन शर्तों पर आए थे अगर वो शर्त खत्म होंगी तो हमें दोबारा सोचना होगा कि हम क्या आपके साथ बिना शर्तों के रहना चाहेंगे। अरुण जेटली साहब को यह सोचना चाहिए, क्योंकि अगर 370 को खत्म करोगे तो जम्मू-कश्मीर के साथ आपका रिश्ता खत्म हो जाएगा।