नई दिल्ली। जया प्रदा के ऊपर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में चुनाव आयोग ने आजम खान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। चुनाव आयोग ने आजम खान को 72 घंटे तक प्रचार प्रसार करने पर रोक लगा दी है। मंगलवार 10 बजे से रोक लगाई गई है। रामपुर से चुनाव मैदान में आजम खान और जया प्रदा आमने-सामने हैं। रविवार को एक रैली में आजम खान ने जया प्रदा के लिए अर्मायादित शब्द का इस्तेमाल किया था। जिसके बाद आजम खान के बयान की चौतरफा निंदा शुरू हो गई।

Election Commission bars Union Minister and BJP Leader Maneka Gandhi from election campaigning for 48 hours starting from 10 am tomorrow, for violating model code of conduct during her election campaign held in Sultanpur. #LokSabhaElections2019 pic.twitter.com/XIFzCm2pQC— ANI UP (@ANINewsUP) April 15, 2019

मेनका गांधी पर 48 घंटों के लिए प्रचार पर रोक
वहीं अल्पसंख्यकों के ऊपर बयान देने के लिए आयोग ने सुलतानपुर से भाजपा की प्रत्याशी मेनका गांधी को भी 48 घंटे तक के लिए प्रचार से दूर कर दिया है। मंगलवार 10 बजे से दोनों को चुनाव प्रचार नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने दिन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बसपा प्रमुख मायावती पर कार्रवाई की है।

Election Commission bars Union Minister and BJP leader Maneka Gandhi from election campaigning for 48 hours starting from 10 am tomorrow, for violating model code of conduct during her election campaign held in Sultanpur. #LokSabhaElections2019 pic.twitter.com/XIFzCm2pQC— ANI UP (@ANINewsUP) April 15, 2019

योगी और माया पर भी गिरी गाज
गौरतलब है कि एक ओर जहां बसपा नेता ने मुस्लिम समुदाय से सपा-बसपा-रालोद गठबंधन के उम्मीदवारों को वोट देने की मांग की थी, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि अगर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी को अली में विश्वास है, तो हमें ‘बजरंगबली’ पर विश्वास है। जिसके बाद चुनाव आयोग ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए सभी नेताओं पर कार्रवाई की है। चुनाव आयोग ने मुख्यमंत्री योगी को 72 घंटे और मायावती को 48 घंटे तक के प्रचार पर रोक लगा दी है। मंगलवार सुबह 6 बजे से रोक लगाई गई है। वहीं मायावती ने अपने ऊपर हुई कार्रवाई को लेकर आयोग पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि मेरा पक्ष जाने बगैर एकतरफा कार्रवाई की गई है।